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प्रियंका नहीं ये आंधी है, दूसरी इंदिरा गांधी है’, प्रियंका ने दिलायी अपनी दादी की याद.

कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी रविवार को लखनऊ से प्रयागराज पहुंचीं. प्रियंका गांधी यहां सीधे स्वराज भवन गईं. जहां उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी को याद किया. इस दौरान उन्होंने ट्वीट कर कहा, ”स्वराज भवन के आंगन में बैठे हुए वह कमरा दिख रहा है जहां मेरी दादी का जन्म हुआ. रात को सुलाते हुए दादी मुझे जोन ऑफ आर्क की कहानी सुनाया करती थीं. आज भी उनके शब्द दिल में गूंजते हैं. कहती थीं- निडर बनो और सब अच्छा होगा.” करीब 140 किलोमीटर की ‘गंगा-जमुनी तहजीब यात्रा’ के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. इस दौरान प्रियंका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के मुकाबले ‘सांची बात’ कार्यक्रम करेंगी.
दरअसल प्रियंका गांधी सोमवार से मोटरबोट के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगी. वे गंगा के रास्ते प्रयागराज से पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगी. इस दौरान प्रियंका रास्ते में पड़ने वाले गांवों, कस्बों और शहरों के लोगों से मुलाकात करेंगी. प्रियंका छोटी-छोटी सभाओं को भी संबोधित करेंगी.
प्रियंका गांधी का हेयरस्टाइल हो या फिर उनका साड़ी पहनने का तरीका, कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रियंका गांधी में दूसरी इंदिरा ही देखते हैं. आज जब कांग्रेस महासचिव प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर में पूजा कर रही थीं तो 40 साल पुरानी याद ताजा हुई. कांग्रेस ने ट्वीट कर तस्वीर भी साझा की है, जिसमें एक तरफ प्रियंका तो दूसरी तरफ इंदिरा हैं.
यूपी कांग्रेस की ओर से ट्विटर पर एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें कैप्शन दिया गया, ’परम्पराएं, रीति-रिवाज़ कभी नहीं बदलते’. कांग्रेस ने इसमें इंदिरा गांधी की लेटे हनुमान मंदिर में पूजा करते हुए तस्वीर साझा की, जो 25.9.1979 की है. दूसरी ओर प्रियंका गांधी की आज की तस्वीर है.
प्रियंका नहीं ये आंधी है, दूसरी इंदिरा गांधी है’
कांग्रेस के कार्यकर्ता पहले से ही प्रियंका गांधी की तुलना इंदिरा गांधी से करते आए हैं. प्रियंका गांधी की इसी छवि को कांग्रेस भी पूरी तरह से भुना रही है. कार्यकर्ताओं द्वारा कई बार पोस्टर-नारे लगाए जाते हैं ‘प्रियंका नहीं ये आंधी है, दूसरी इंदिरा गांधी है’.



