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मुख्यमंत्री ने जनपद गोण्डा में 144 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया,
राजकीय मेडिकल कॉलेज,गोण्डा का शिलान्यास,

जनपद गोण्डा में 3,330 एल0पी0एम0 क्षमता के 04 आक्सीजन प्लांटों की स्थापना,
(लखनऊ)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोण्डा में 1132.35 करोड़ रुपए लागत की 144 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसके तहत 938.78 करोड़ रुपए की लागत की 97 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं 193.57 करोड़ रुपए की लागत से 47 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 282 करोड़ रुपए की लागत से महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाराजा देवी बख्श सिंह के नाम से बनने वाला राजकीय मेडिकल कॉलेज, गोण्डा का भी शिलान्यास सम्मिलित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किये तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मण्डल में तीन मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। इनमें जनपद बहराइच में 10वीं शताब्दी के महान योद्धा महाराजा सुहेलदेव के नाम से वर्तमान में बनवाया गया मेडिकल कॉलेज कार्य कर रहा है। गोण्डा जनपद मुख्यालय पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज से देवीपाटन मण्डल के साथ ही पूर्वांचल के बच्चों सहित अन्य लोगों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इनके अलावा, ऐसे बच्चे जो मेडिकल की तैयारी करना चाहते हैं, उनका भविष्य संवरेगा और वे चिकित्सक बन सकेंगे। इस मेडिकल कॉलेज में आगामी 2022-2023 सत्र से प्रवेश शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र के लिए उपयोगी व रोजगारपरक योजनाओं को लागू किया जा रहा है तथा विकास कार्य कराए जा रहे हैं। पहले जहां गरीबों को राशन सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं, उन्हें आज पूरी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। साढ़े 4 वर्ष पहले योजनाओं का लाभ जनता को नहीं मिल पाता था, आज उन योजनाओं से समाज के प्रत्येक वर्ग लाभान्वित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सड़क सुविधाओं में विकास के दृष्टिगत आज गोंडा से देवीपाटन की दूरी 01 घण्टे में तय हो रही है, जबकि पहले 3ः30 घण्टे तक लग जाते थे।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 4 वर्षों में गन्ना किसानों का 01 लाख 45 हजार करोड़ रुपए का भुगतान कराया गया। इसके साथ ही चीनी मिलों के प्रबन्धकों को निर्देशित किया गया है कि इस बार वे पेराई सत्र के पहले किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कराना सुनिश्चित करें