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पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मुदस्सिर मुठभेङ मे मारा गया.

नई दिल्ली:
सेना ने 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराने की पुष्टि की है. पुलवामा के त्राल में सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराया जिसमें एक आतंकी मुदस्सिर अहमद भी है जिसे पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. मुदस्सिर के साथ खालिद नाम का आतंकी भी मारा गया है जो पाकिस्तान का रहने वाला है.
सेना ने जानकारी दी कि पुलवामा हमले के बाद कुल 18 आतंकी मारे गए हैं, जिसमें से 8 पाकिस्तान के रहने वाले हैं. पिछले 70 दिनों में कुल 44 आतंकवादी मारे जा चुके हैं. सेना ने साफ कह दिया है कि वह यहीं नहीं रुकने वाली है, जैश को खत्म करने तक भारतीय सेना ऑपरेशन जारी रखेगी.
मुदस्सिर ने किया विस्फोटक और गाड़ी का इंतजाम
जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों में कम चर्चित मुदस्सिर को पुलवामा टेरर अटैक का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पुलवामा के ही निवासी 23 साल का मुदस्सिर एक इलेक्ट्रिशन था और उसके पास ग्रैजुएट की डिग्री थी। अधिकारियों के मुताबिक आतंकी हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ी और विस्फोटक का इंतजाम उसी ने किया था।
त्राल के मीर मोहल्ले के रहने वाले मुदस्सिर ने 2017 में एक ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद जॉइन किया था। बाद में उसे नूर मोहम्मद तांत्रे उर्फ नूर त्राली ने जैश में सक्रिय रूप से जिम्मेदारी सौंपी। नूर पर कश्मीर घाटी में आतंकी संगठनों को दोबारा उठ खड़े होने में मदद पहुंचाने का आरोप है।
NIA ने 27 फरवरी को घर पर मारा था छापा
जनवरी 2018 में लेथपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में भी उसका नाम आया। इस हमले में पांच सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। पुलवामा हमले की जांच कर रही एनआईए ने 27 फरवरी को मुदस्सिर के घर पर छापा मारा था।
पुलवामा में इस्तेमाल की गई मारुति इको मिनीवैन को जैश के ही एक संदिग्ध ने हमले से 10 दिन पहले खरीदा था। संदिग्ध की पहचान साउथ कश्मीर के बिजबेहारा के रहने वाले सज्जाद बट के रूप में हुई थी। हमले के बाद से ही सज्जाद फरार है और माना जा रहा है कि अब वह एक सक्रिय आतंकी बन चुका है।



